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MAY 27

1.भारत व मॉरीशस करेंगे सीईसीपीए व्यापार समझौता

• भारत और मॉरीशस समग्र आर्थिक सहयोग एवं साझीदारी समझौता (सीईसीपीए) को अंतिम रूप देने जा रहे हैं। इस उल्लेखनीय समझौते से दोनों देशों के व्यापार एवं निवेश में मजबूती आएगी। भारत की यात्र पर आए मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद कुमार जगन्नाथ ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
• मॉरीशस के प्रधानमंत्री ने सीआइआइ द्वारा आयोजित एक कारोबारी बैठक में कहा, 'सीईसीपीए पर वर्तमान में समझौता किया जा रहा है। सांस्कृतिक रूप से करीबी दोनों देशों के बीच यह अभूतपूर्व समझौता साबित होगा।'
• उन्होंने कहा कि सीईसीपीए या मुक्त व्यापार समझौता, भारत-मॉरीशस दोहरा कर से बचने संबंधी समझौता (डीटीएए) पर तैयार किया गया है।
• डीटीएए में पिछले वर्ष संशोधन किया गया। डीटीएए पर तैयार सीईसीपीए समझौते पर 2016 में हस्ताक्षर किया गया था। उन्होंने कहा कि 100 से ज्यादा भारतीय कंपनियां मॉरीशस में कारोबार कर रही हैं।

2. मोदी के कई फैसले युग प्रवर्तक: राष्ट्रपति

• राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने पिछले तीन साल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुछ फैसलों को युगप्रवर्तक करार दिया है। मोदी सरकार के तीन साल पूरे होने के अवसर पर दो पुस्तकों के विमोचन समारोह में राष्ट्रपति ने कहा कि प्रधानमंत्री देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने में सफल रहे हैं और वे उन लोगों में शामिल हैं, जो अपनी बात बेहतरीन तरीके से कहने में दक्ष हैं।
• इस अवसर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने प्रधानमंत्री को सीधे जनता से संवाद कायम करने वाला नेता बताया। 1राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री मोदी के पिछले तीन साल के कार्यकाल की तारीफ की। उन्होंने कहा कि विभिन्न दिशाओं में विकास की कई प्रमुख पहल की हैं। इसी का परिणाम है कि भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूती से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने एक नई दिशा दी है। जो नए पहल किए हैं उससे भारत के आगे बढ़ने का साफ संकेत मिला है।
• उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने तीन साल में कई अहम निर्णय लिए हैं, इनमें कुछ निर्णय युगप्रवर्तक हैं। प्रधानमंत्री मोदी के जनता से संवाद कायम करने की कला की तारीफ करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि वे अपनी बात बेहतरीन ढंग से कहने वालों में से एक हैं। इस मामले में उनकी तुलना पंडित जवाहरलाल नेहरू एवं इंदिरा गांधी से की जा सकती है।
• उन्होंने कहा कि अच्छी तरह से संवाद करने की क्षमता के बिना किसी व्यक्ति से लाखों लोगों का नेतृत्व करने की उम्मीद नहीं की जा सकती।
• राष्ट्रपति भवन में लोकसभा अध्यक्ष सुमित्र महाजन ने दो पुस्तकों 'मन की बात: रेडियो पर सामाजिक क्रांति' और 'मार्चिग विद ए बिलियन- एनालाइजिंग नरेंद्र मोदी गवर्नमेंट एट मिड टर्म' का विमोचन किया और उनकी पहली प्रति राष्ट्रपति को भेंट की। इस अवसर वित्त मंत्री जेटली ने कहा कि रेडियो जैसे हाशिये पर चले गए संचार माध्यम पर 'मन की बात' की शुरुआत कर प्रधानमंत्री आम जनता से सीधा संवाद कायम करने में सफल रहे हैं। इस कार्यक्रम की लोकप्रियता इसका सबूत है।
• राजेश जैन द्वारा लिखित पुस्तक 'मन की बात: रेडियो पर सामाजिक क्रांति' प्रधानमंत्री मोदी द्वारा प्रत्येक महीने रेडियो पर प्रसारित होने वाले 'मन की बात' के सभी संस्करणों का संग्रह है। इस पुस्तक में मन की बात कार्यक्रम में उठाए गए विभिन्न मुद्दों, विषय और उनकी मुख्य विशेषताओं का व्यापक, गुणात्मक और शैक्षिक विश्लेषण है।
• वहीं पत्रकार उदय माहुरकर द्वारा लिखित 'मार्चिग विद ए बिलियन- एनालाइजिंग नरेंद्र मोदी गवर्नमेंट एट मिड टर्म' नामक पुस्तक प्रधानमंत्री के रूप में मोदी द्वारा विभिन्न मोर्चो पर लाए गए व्यापक बदलावों का विश्लेषण प्रस्तुत करती है।

3. देश को मिला 'महासेतु'

• सरकार के तीन साल का जश्न मनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्वोत्तर को चुना। इस मौके को यादगार बनाने के लिए उन्होंने असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच ब्रह्मपुत्र नदी पर देश के सबसे बड़े पुल का उद्घाटन किया। साथ ही इस अति पिछड़े पूर्वोत्तर को उन्होंने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का भी तोहफा दिया। इससे यहां के लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं है।
• शुक्रवार को असम के सुदूर धेमाजी के गोगामुख कस्बे में अरुणाचल प्रदेश की सीमा पर आयोजित जनसभा में लोगों का हुजूम अपने प्रधानमंत्री को सुनने आया था। इससे पहले लोकसभा चुनाव के दौरान भी मोदी यहां आए थे। तब तो वह सांसद भी नहीं थे।
• उस समय उमड़ी भीड़ को मोदी याद करना नहीं भूले। उन्हें तो यह भी याद था कि किस छोर से कौन से नारे लगे थे? जनसभा में आई भीड़ का ओर छोर कहां तक था? मोदी की इस याददाश्त पर सभी हैरान थे और तालियां बजाकर खुशी जाहिर कर रहे थे।
• लोगों ने मोदी के वादों पर भरोसा कर केंद्र और राज्य दोनों जगह सत्ता की चाभी उन्हें सौंप दी। आज सरकार के तीन साल पूरे होने के मौके पर मोदी ने जनता का वह राजनीतिक अहसान भी उतारने का प्रयास किया।
• पूर्वोत्तर के राज्य अष्ट लक्ष्मी : मोदी ने पूर्वोत्तर के राज्यों को अष्ट लक्ष्मी के नाम से नवाजा। उन्होंने सबसे बड़ी जरूरत कनेक्टिविटी की चर्चा करते हुए कहा कि अष्ट लक्ष्मी प्रदेश पंच पथ से जुड़ेंगे।
• ये पंच पथ 21वीं सदी के इंफ्रास्ट्रक्चर होंगे, जिनमें हाईवेज, रेलवेज, वाटरवेज, एयरवेज और इन्फार्मेशन वेज प्रमुख हैं। पूवरेत्तर के राज्यों की महत्ता का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि इसके विकास से देश का भाग्य बदलेगा। दिल्ली की सरकार इनके साथ कंधे-से-कंधा मिलाकर चलेगी।
• चीन को करारा जवाब : चीन के लिए यह महासेतु करारा जवाब है। यह पुल चीनी सीमा से 100 किलोमीटर से कम की हवाई दूरी पर है। लिहाजा टकराव के समय यह सैनिकों और तोपों की तेजी से आवाजाही में मदद करेगा। यह पुल 60 टन वजनी युद्धक टैंक का भार भी वहन करने में सक्षम है।

4. ईपीएफ में योगदान घटाकर 10 फीसद करने की तैयारी
• कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) में कर्मचारियों और नियोक्ताओं के योगदान को घटाने की तैयारी है। ईपीएफओ यानी कर्मचारी भविष्य निधि संगठन की ओर से चलाई जाने वाली सामाजिक सुरक्षा स्कीम में दोनों के लिए अनिवार्य योगदान को 12 फीसद से घटाकर 10 फीसद किया जा सकता है।
• संगठन के ट्रस्टी शनिवार को इस बाबत प्रस्ताव को मंजूरी दे सकते हैं। 1वर्तमान में कर्मचारी और नियोक्ता ईपीएफ, इम्प्लॉई पेंशन स्कीम (ईपीएस) और इम्प्लॉई डिपॉजिट लिंक्ड इंश्योरेंस स्कीम (ईडीएलआइ) में मूल वेतन का 12 फीसद अलग-अलग योगदान करते हैं।
• सूत्रों ने बताया कि 27 मई को पुणो में ईपीएफओ की बैठक होनी है। बैठक के एजेंडे में मूल वेतन और महंगाई भत्ते सहित नियोक्ता और कर्मचारियों के योगदान को घटाने के संबंध में प्रस्ताव शामिल है। कहा जाता है कि श्रम मंत्रलय को कई सुझाव मिले हैं कि इस कदम से कर्मचारियों के पास खर्च के लिए अधिक पैसा बचेगा और नियोक्ताओं का दायित्व भी कम होगा। नतीजतन, इससे अर्थव्यवस्था की रफ्तार बढ़ेगी।
• फिलहाल, ट्रेड यूनियनों ने इस प्रस्ताव का विरोध करने का फैसला किया है। उनका कहना है कि इससे ये सामाजिक सुरक्षा योजनाएं कमजोर होंगी। ईपीएफओ ट्रस्टी और भारतीय मजदूर संघ के नेता पीजे बनासुरे ने कहा कि वे इस प्रस्ताव का विरोध करेंगे।
• यह कर्मचारियों के हित में नहीं है। ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस के सचिव डीएल सचदेव ने कहा कि योगदानों में कटौती से कर्मचारियों के लिए लाभ चार फीसद कम हो जाएगा। अभी नियोक्ता और कर्मचारी मूल वेतन का 24 फीसद योगदान करते हैं। यह घटकर 20 फीसद रह जाएगा।
• शेयर बाजार में बढ़ सकता है निवेश : ईपीएफओ शनिवार को होने वाली बैठक में शेयर बाजार में अपने निवेश को 15 फीसद तक बढ़ाने पर भी फैसला कर सकता है।
• संगठन की सलाहकार संस्था वित्त, निवेश और लेखा परीक्षा समिति (एफएआइसी) सीमा को मौजूदा 10 फीसद से बढ़ाने के प्रस्ताव पर विचार करेगी। इस बैठक की अध्यक्षता श्रम मंत्री बंडारू दत्तात्रेय करेंगे।

5. मोदी ने कृषि अनुसंधान संस्थान की आधारशिला रखी

• प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को असम के गोगामुख (धेमाजी) में देश के तीसरे भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान का शिलान्यास किया। कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह के साथ ही राज्य के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल भी मौजूद थे।राधामोहन सिंह ने इस मौके पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पीएम मोदी ने 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का संकल्प लिया है और हम इसे पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
• उन्होंने कहा कि देश के पूर्वोत्तर राज्यों में कृषि उत्पादन में वृद्धि की अपार संभावनाएं हैं और इसे देखते हुए असम में भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान की शाखा खोली जा रही है। ताकि कृषकों का ज्ञानवर्धन हो सके व उन्हें उचित कृषि संबंधी जानकारी दी जा सके।
• उन्होंने कहा कि इस संस्थान की स्थापना कृषि उत्पादन व उत्पादकता बढ़ाने के साथ ही उच्च स्तरीय शिक्षा एवं अनुसंधान प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है और आने वाले समय में देश के पूर्वोत्तर भाग में रहने वाले किसानों के जीवन स्तर में निश्चित तौर पर इससे बदलाव दिखाई पड़ेगा।
• कृषि मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार कृषि के प्रति कितना गंभीर है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में वर्तमान सरकार ने कृषि क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए गत चार वर्षो में कृषि बजट में (2014-15 से 2017-18 ) 1,64,415 करोड़ रुपये आवंटित किए, जो यूपीए सरकार के बजट (2010-11 से 2013-14 तक) 1,04,337 करोड़ रपए की तुलना में 57.58 प्रतिशत अधिक है।
• उन्होंने कहा कि मुझे यह बताते हुए अत्यंत हर्ष का अनुभव हो रहा है कि वर्ष 2016-17 में देश में खाद्यान्न का रिकार्ड उत्पादन हुआ है और यह आजादी के बाद का सर्वाधिक ऊंचा स्तर है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार द्वारा कई किसानोपयोगी योजनाओं एवं कार्यक्रमों की शुरु आत की गई है।

6. पहली मल्टी माडल ई वाहन परियोजना शुरू
• महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस और केन्द्रीय सड़क परिवहन, राजमार्ग एवं जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को नागपुर एयरपोर्ट परिसर में देश की पहले मल्टी माडल इलेक्ट्रिक वाहन परियोजना का उद्घाटन किया।
• यह अनूठी परियोजना विभिन्न सेगमेन्ट्स के वाहनों जैसे ई-बस, ई-कैब्स, ई-रिक्शा और ई-ऑटो को एक ही प्लेटफॉर्म पर लाएगी जिसके माध्यम से नागपुर के नागरिक अपनी परिवहन कीारूरतों के अनुसार इन वाहनों की बुकिंग कर सकेंगे।
• पायलट परियोजना की शुरूआत 200 वाहनों के फ्लीट से होगी, जिसमें महिन्द्रा के 100 नए ईटूओ प्लस वाहन शामिल हैं। शेष वाहनों में अन्य ओईएम स्रेतों जैसे टाटा मोटर्स, काईनेटिक, बीवायडी और टीवीएस आदि के वाहन शामिल होंगे।

7. पेरिस समझौता अमेरिका की वृद्धि में ''बाधक' : व्हाइट हाउस
• व्हाइट हाउस ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिका के लिए जलवायु परिवर्तन पर पेरिस समझौते के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन करना वृद्धि में ''बाधक' होगा। अपने चुनाव प्रचार अभियान के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने ग्लोबल वार्मिंग कम करने पर 2015 में हुई संधि से बाहर होने का वादा किया था।
• अब ट्रंप ने कहा है कि वह सिसली में शुक्र वार से शुरू हुए जी7 सम्मेलन के बाद वाशिंगटन लौटने पर इस पर फैसला लेंगे। ट्रंप के आर्थिक सलाहकार गैरी कॉन ने कहा, ''हम जानते हैं कि पिछली सरकार ने जिन बातों पर सहमति जताई थी वे अमेरिका की आर्थिक वृद्धि के लिए बहुत हानिकारक होंगे।'
• कॉन ने राष्ट्रपति के आधिकारिक विमान एयर फोर्स वन से यात्रा करते हुए कहा, ''राष्ट्रपति ने आपको बताया है कि वह वापस लौटकर पेरिस और जलवायु समझौते पर एक फैसला लेंगे। वह यह जानने के इच्छुक हैं कि जी7 नेता जलवायु के बारे में क्या कहते हैं।'
• रिपब्लिकन राष्ट्रपति के सलाहकार ने कहा कि ट्रंप पर्यावरण के लिए सही चीजें करना चाहते हैं। वह पर्यावरण की परवाह करते हैं लेकिन वह अमेरिकी लोगों के लिए नौकरियों की भी परवाह करते हैं।

8. केपीएस गिल
• पंजाब में उग्रवाद का सफाया करने में अग्रणी भूमिका निभाने वाले राज्य के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) केपीएस गिल का यहां साल की आयु में निधन हो गया।
• 'सुपर कॉप' नाम से मशहूर गिल गंभीर रूप से किडनी और दिल की बीमारी से पीड़ित थे। गिल नक्सल समस्या से निपटने के लिए छत्तीसगढ़ में सरकार के सलाहकार रहे थे।
• उन्होंने कश्मीर समस्या के समाधान के उपाय भी बताए थे।
• गिल वर्ष 1988-1990 और दूसरी बार 1991-1995 के बीच पंजाब के डीजीपी रहे।
• गिल इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट मैनेजमेंट तथा इंडियन हॉकी फेडरेशन (आइएचएफ) के अध्यक्ष भी रहे। नागरिक सेवा कार्यो के लिए उन्हें वर्ष 1989 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया।

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