परीक्षा का प्रारूप

संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा का आयोजन दो चरणों में सम्पन्न कराया जाता है जिसमें प्रधान परीक्षा के लिए उम्मीदवारों के चयन हेतु सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा (वस्तुपरक) तथा उपर्युक्त विभिन्न सेवाओं और पदों में भर्ती हेतु उम्मीदवारों का चयन करने के लिए सिविल सेवा (प्रधान) परीक्षा (लिखित तथा साक्षात्कार) का आयोजन किया जाता है।

भारत के असाधारण राजपत्र में कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग द्वारा प्रकाशित नियमों के अनुसार विभिन्न सेवाओं और पदों पर भर्ती के लिए संघ लोक सेवा आयोग द्वारा प्रायः जून माह में सिविल सेवा की प्रारंभिक परीक्षा, तथा नवम्बर एवं दिसम्बर माह में मुख्य परीक्षा का आयोजन किया जाता है। पुनः अप्रैल माह में मुख्य परीक्षा में उत्तीर्ण उम्मीदवारों को साक्षात्कार हेतु आमंत्रित किया जाता है और अंततः पूर्वज्ञात रिक्तियों के अनुरूप अंतिम परीक्षा परिणाम की घोषणा मई माह में की जाती है।

सिविल सेवा के पद जिस पर संघ लोक सेवा आयोग भर्ती कराता है, निम्नलिखित हैं:


  1. भारतीय प्रशासनिक सेवा
  2. भारतीय विदेश सेवा
  3. भारतीय पुलिस सेवा
  4. भारतीय डाक एवं तार लेखा और वित्त सेवा, ग्रुप 'क'
  5. भारतीय लेखा परीक्षा और लेखा सेवा, ग्रुप 'क'
  6. भारतीय राजस्व सेवा (सीमा शुल्क और केंद्रीय उत्पाद), ग्रुप 'क'
  7. भारतीय रक्षा लेखा सेवा, ग्रुप 'क'
  8. भारतीय राजस्व सेवा (आयकर), ग्रुप 'क'
  9. भारतीय आयुध कारखाना सेवा, ग्रुप 'क' (सहायक कर्मशाला प्रबंधक, प्रशासनिक)
  10. भारतीय डाक सेवा, ग्रुप 'क'
  11. भारतीय सिविल लेखा सेवा, ग्रुप 'क'
  12. भारतीय रेलवे यातायात सेवा, ग्रुप 'क'
  13. भारतीय रेलवे लेखा सेवा, ग्रुप 'क'
  14. भारतीय रेलवे कार्मिक सेवा, ग्रुप 'क'
  15. रेलवे सुरक्षा बल में ग्रुप 'क' के सहायक सुरक्षा आयुक्त के पद
  16. भारतीय रक्षा संपदा सेवा, ग्रुप 'क'
  17. भारतीय सूचना सेवा (कनिष्ठ ग्रेड), ग्रुप 'क'
  18. भारतीय व्यापार सेवा, ग्रुप 'क' (ग्रेड-III)
  19. भारतीय काॅरपोरेट विधि सेवा, ग्रुप 'क'
  20. सशस्त्र सेना मुख्यालय सिविल सेवा, ग्रुप 'ख' (अनुभाग अधिकारी ग्रेड)
  21. दिल्ली, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप, दमन व दीव एवं दादरा व नगर हवेली सिविल सेवा, ग्रुप 'ख'
  22. दिल्ली, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप, दमन व दीव एवं दादरा व नगर हवेली पुलिस सेवा, ग्रुप 'ख'
  23. पांडिचेरी सिविल सेवा, ग्रुप 'ख'
  24. पांडिचेरी पुलिस सेवा, ग्रुप 'ख'

2 (क) परीक्षा निम्नलिखित केंद्रों पर आयोजित की जाती है-

(i) सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा के लिए परीक्षा केंद्र

केंद्र केंद्र केंद्र
अगरतला गाजियाबाद गौतमबुद्धनगर
आगरा गोरखपुर पणजी (गोवा)
अजमेर गुरुग्राम पटना
अहमदाबाद ग्वालियर पोर्ट ब्लेयर
ऐजल हैदराबाद पुडुचेरी
अलीगढ़ इम्फाल पूना
इलाहाबाद इंदौरर रायपुर
अनन्तपुरु ईटानगर राजकोट
औरंगाबाद जबलपुर रांची
बैंगलुरु जयपुर संबलपुर
बरेली जम्मू शिलांग
बिलासपुर जोरहाट सिलिगुड़ी
चंडीगढ़ कोच्चि श्रीनगर
चेन्नई कोहिमा ठाणे
कोयम्बटूर कोलकाता तिरुवनंतपुरम
कटक कोझीकोड (कालीकट) तिरुचिरापल्ली
देहरादून लखनऊ तिरूपति
दिल्ली लुधियाना उदयपुर
धारवाड़ मदुरै वाराणसी
दिसपुर मुम्बई वेल्लोर
फरीदाबाद मैसूर विजयवाड़ा
गंगटोक नागपुर विशाखापट्टनम
गया नवी मुंबई वारंगल


(ii) सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा के लिए परीक्षा केंद्र

केंद्र केंद्र केंद्र
अहमदाबाद देहरादून मुम्बई
ऐजल दिल्ली पटना
इलाहाबाद दिसपुर (गुवाहाटी) रायपुर
बेंगलुरू हैदराबाद रांची
भोपाल जयपुर शिलांग
चंडीगढ़ जम्मू शिमला
चेन्नई कोलकाता तिरुवनंतपुरम
कटक लखनऊ विजयवाड़ा

आयोग यदि चाहे तो, परीक्षा के उपर्युक्त यथा उल्लिखित केंद्रों तथा उसके प्रारंभ होने की तारीख में परिवर्तन कर सकता है। आवेदक यह नोट करें कि चेन्नई, दिल्ली, दिसपुर, कोलकाता तथा नागपुर को छोड़कर प्रत्येक केंद्र पर आवंटित होने वाले उम्मीदवारों की संख्या की अधिकतम सीमा (सीलिंग) निर्धारित होगी। केंद्रों का आवंटन 'पहले आवेदन-पहले आवंटन' के आधार पर किया जाएगा और किसी केन्द्र विशेष की क्षमता पूरी हो जाने के उपरांत उस केन्द्र पर आवंटन रोक दिया जाएगा। सीलिंग के कारण जिन उम्मीदवारों को अपनी पसंद का केन्द्र प्राप्त नहीं होता है तो उन्हें शेष केंद्रों में से कोई केंद्र चुनना होगा। अतः आवेदकों को सलाह दी जाती है कि वे शीघ्र आवेदन करें ताकि उन्हें अपनी पसंद का केंद्र प्राप्त हो सके।

टिप्पणी: पूर्वोक्त प्रावधान के बावजूद, आयोग को यह अधिकार है कि वह अपने विवेकानुसार केंद्रों में परिवर्तन कर सकता है, यदि परिस्थिति की मांग ऐसी हो।

सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा के लिए सभी परीक्षा केंद्र आंशिक दृष्टि वाले उम्मीदवारों के लिए अब परीक्षा संबद्ध पदनामित केन्द्रों पर होंगे। जिन उम्मीदवारों को उक्त परीक्षा में प्रवेश दे दिया जाता है, उन्हें समय-सारणी तथा परीक्षा स्थल (स्थलों) की जानकारी दे दी जाती है। उम्मीदवारों को नोट करना चाहिए कि केंद्र परिवर्तन हेतु उनके अनुरोध को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

उम्मीदवारों को नोट करना चाहिए कि केंद्र परिवर्तन हेतु उनके अनुरोध को सामान्यतः स्वीकार नहीं किया जाएगा।

(ख) परीक्षा की योजना:

सिविल सेवा परीक्षा की दो अवस्थाएं होंगी (नीचे परिशिष्ट-प् खंड-प् अनुसार)
(i) प्रधान परीक्षा के लिए उम्मीदवारों के चयन हेतु सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा (वस्तुपरक), तथा
(ii) उपर्युक्त विभिन्न सेवाओं और पदों में भर्ती हेतु उम्मीदवारों का चयन करने के लिए सिविल सेवा (प्रधान) परीक्षा (लिखित तथा साक्षात्कार)।
केवल प्रारंभिक परीक्षा के लिए अब आवेदन प्रपत्र आमंत्रित किए जाते हैं। जो उम्मीदवार प्रधान परीक्षा में प्रवेश के लिए आयोग द्वारा पात्र घोषित किए जाते हैं उनको विस्तृत आवेदन प्रपत्र पुनः आॅनलाइन आवेदन करना होगा, जो कि उनको उपलब्ध करवाये जायेंगे। प्रधान परीक्षा संभवतः अक्टूबर माह में होती है।

3. पात्रता की शर्तें:

(i) राष्ट्रीयता:
(1) भारतीय प्रशासनिक सेवा और भारतीय पुलिस सेवा का उम्मीदवार भारत का नागरिक अवश्य हो।
(2) अन्य सेवाओं के उम्मीदवारों को या तो
(क) भारत का नागरिक होना चाहिए, या
(ख) नेपाल की प्रजा, या
(ग) भूटान की प्रजा, या
(घ) ऐसा तिब्बती शरणार्थी जो भारत में स्थायी रूप से रहने के इरादे से पहली जनवरी, 1962 से पहले भारत आ गया हो, या
(ङ) कोई भारतीय मूल का व्यक्ति जो भारत में स्थायी रूप से रहने के इरादे से पाकिस्तान, बर्मा, श्रीलंका, पूर्वी अफ्रीकी देशों नाइजीरिया, युगांडा, संयुक्त गणराज्य तंजानिया, जाम्बिया, मालावी, जैरे, इथियोपिया तथा वियतनाम से प्रवजन कर आया हो।
परन्तु (ख), (ग), (घ) और (ङ) वर्गों के अंतर्गत आने वाले उम्मीदवार के पास भारत सरकार द्वारा जारी किया गया पात्रता (एलिजीबिलिटी) प्रमाण-पत्र होना चाहिए।
एक शर्त यह भी है कि उपर्युक्त (ख), (ग), (घ) और (ड़) वर्गों के उम्मीदवार भारतीय विदेश सेवा में नियुक्ति के पात्र नहीं होंगे। ऐसे उम्मीदवार को भी उक्त परीक्षा में प्रवेश दिया जा सकता है जिसके बारे में पात्रता प्रमाण-पत्र प्राप्त करना आवश्यक हो, किंतु भारत सरकार द्वारा उसके संबंध में पात्रता प्रमाण-पत्र जारी किए जाने के बाद ही उसको नियुक्ति प्रस्ताव भेजा जा सकता है।

आयु सीमाएं (क) उम्मीदवार की आयु संबंधित वर्ष के 1 अगस्त को पूरे 21 वर्ष से 32 वर्ष के बीच होनी चाहिए, किन्तु 32 वर्ष की नहीं होनी चाहिए। विभिन्न सेवाओं के संदर्भ में संबंधित नियमों/विनियमों में समरूप परिवर्तन हेतु आवश्यक कार्रवाई अलग से की जा रही है।
(ख) ऊपर बताई गई अधिकतम आयु-सीमा में निम्नलिखित मामलों में छूट दी जाएगी:
(i) यदि उम्मीदवार किसी अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति का हो तो अधिक से अधिक 5 वर्ष।
(ii) अन्य पिछड़ी श्रेणियों के उन उम्मीदवारों के मामले में अधिकतम तीन वर्ष तक जो ऐसे उम्मीदवारों के लिए लागू आरक्षण को पाने के पात्र हों।
(iii)ऐसे उम्मीदवारों के मामले में, जिन्होंने 01 जनवरी, 1980 से 31 दिसम्बर, 1989 तक की अवधि के दौरान साधारणतया जम्मू और कश्मीर राज्य में अधिवास किया हो, अधिकतम 5 वर्ष तक।
(iv)किसी दूसरे देश के साथ संघर्ष में या किसी अशांतिग्रस्त क्षेत्र में फौजी कार्यवाही के दौरान विकलांग होने के फलस्वरूप सेवा से निर्मुक्त किए गए रक्षा कार्मिकों को अधिक-से-अधिक 3 वर्ष।
(v) जिन भूतपूर्व सैनिकों (कमीशन प्राप्त अधिकारियों तथा आपातकालीन कमीशन प्राप्त अधिकारियों/अल्पकालिक सेवा कमीशन प्राप्त अधिकारियों सहित) ने परीक्षा के संबंधित वर्ष में 1 अगस्त को कम-से-कम 5 वर्ष की सैनिक सेवा की हो और जो ;पद्ध कदाचार या अक्षमता के आधार पर बर्खास्त न होकर अन्य कारणों से कार्यकाल के समापन पर कार्यमुक्त हुए हैं, (इनमंे वे भी सम्मिलित हैं जिनका कार्यकाल परीक्षा के वर्ष 1 अगस्त से 1 वर्ष के अंतर्गत पूरा होना है), या ;पपद्ध सैनिक सेवा से हुई शारीरिक अपंगता, या ;पपपद्ध अक्षमता के कारण कार्यमुक्त हुए हैं, उनके मामले में अधिक-से-अधिक 5 वर्ष।
(vi) आपातकालीन कमीशन प्राप्त अधिकारियों/अल्पकालीन सेवा के कमीशन प्राप्त अधिकारियों के उन मामलों में जिन्होंने परीक्षा के वर्ष 1 अगस्त को सैनिक सेवा के 5 वर्ष की सेवा की प्रारंभिक अवधि पूरी कर ली है और जिनका कार्यकाल 5 वर्ष से आगे भी बढ़ाया गया है तथा जिनके मामले में रक्षा मंत्रालय एक प्रमाण-पत्र जारी करता है कि वे सिविल रोजगार के लिए आवेदन कर सकते हैं और चयन होने पर नियुक्ति प्रस्ताव प्राप्त करने की तारीख से तीन माह की नोटिस पर उन्हें कार्यभार से मुक्त किया जाएगा। अधिकतम 5 वर्ष।
(vii) नेत्रहीन, मूक-बधिर शारीरिक रूप से विकलांग व्यक्तियों के मामले में अधिकतम 10 वर्ष तक।

टिप्पणी-I: अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति व अन्य पिछड़े वर्गों से संबंधित वे उम्मीदवार, जो उपर्युक्त पैरा ;पपद्ध (ख) के किन्हीं अन्य खंडों अर्थात्, जो भूतपूर्व सैनिकों, जम्मू तथा कश्मीर राज्य में अधिवास करने वाले व्यक्तियों की श्रेणी के अंतर्गत आते हैं, दोनों श्रेणियों के अंतर्गत दी जाने वाली संचयी आयु सीमा-छूट प्राप्त करने के पात्र होंगे।

टिप्पणी-II: भूतपूर्व सैनिक शब्द उन व्यक्तियों पर लागू होगा जिन्हें समय-समय पर यथासंशोधित भूतपूर्व सैनिक (सिविल सेवा और पद में पुनः रोजगार) नियम, 1979 के अधीन भूतपूर्व सैनिक के रूप में परिभाषित किया जाता है।

टिप्पणी-III: भूतपूर्व सैनिकों (कमीशन प्राप्त अधिकारियों तथा आपातकालीन कमीशन प्राप्त अधिकारियों/अल्पकालिक सेवा कमीशन प्राप्त अधिकारियों/आपातकालीन सेवा कमीशन प्राप्त अधिकारियों सहित) जिन्हें उनकी प्रार्थना पर मुक्त किया गया हो, वे उपर्युक्त पैरा (ii) (ख) (v) तथा (vi) के अधीन आयु सीमा में छूट के पात्र नहीं हैं।

टिप्पणी-IV: उपर्युक्त पैरा (ii) (ख) (vii) आयु में छूट के बावजूद शारीरिक रूप से विकलांग उम्मीदवार की नियुक्ति हेतु पात्रता पर तभी विचार किया जा सकता है, जब वह (सरकार या नियोक्ता प्राधिकारी, जैसा भी मामला हो, द्वारा निर्धारित शारीरिक परीक्षण के बाद) सरकार द्वारा शारीरिक रूप से विकलांग उम्मीदवारों को आवंटित संबंधित सेवाओं/पदों के लिए निर्धारित शारीरिक एवं चिकित्सा मानकों की अपेक्षाओं को पूरा करता होे।

ऊपर की व्यवस्था को छोड़कर निर्धारित आयु-सीमा में किसी भी हाल में छूट नहीं दी जाती है।
आयोग जन्म की वह तारीख स्वीकार करता है जो मैट्रिकुलेशन या माध्यमिक विद्यालय छोड़ने के प्रमाण-पत्र या किसी भारतीय विश्वविद्यालय द्वारा मैट्रिकुलेशन के समकक्ष माने गए प्रमाण-पत्र या किसी विश्वविद्यालय द्वारा अनुरक्षित मैट्रिकुलेटों के रजिस्टर में दर्ज की गई हो और वह उद्धरण विश्वविद्यालय के समुचित प्राधिकारी द्वारा प्रमाणित हो यथा उच्चतर माध्यमिक परीक्षा या उसकी समकक्ष परीक्षा प्रमाण-पत्र में दर्ज हो।
ये प्रमाण-पत्र सिविल सेवा (प्रधान) परीक्षा के लिए आवेदन करते समय ही प्रस्तुत करने होते हैं।
आयु के संबंध में कोई अन्य दस्तावेज जैसे जन्म कंुडली, शपथ पत्र, नगर निगम से और सेवा अभिलेख से प्राप्त जन्म संबंधी उद्धरण तथा अन्य ऐसे ही प्रमाण स्वीकार नहीं किए जाते हैं।
अनुदेशों के इस भाग में आये 'मैट्रिकुलेशन/उच्चतर माध्यमिक परीक्षा प्रमाण-पत्र' वाक्यांश के अंतर्गत उपर्युक्त वैकल्पिक प्रमाण-पत्र सम्मिलित हैं।

टिप्पणी-I: उम्मीदवारों को ध्यान रखना चाहिए कि आयोग जन्म की उसी तारीख को स्वीकार करेगा जो कि आवेदन-पत्र प्रस्तुत करने की तारीख को मैट्रिकुलेशन/उच्चतर माध्यमिक परीक्षा प्रमाण-पत्र या समकक्ष परीक्षा के प्रमाण-पत्र मंे दर्ज है और इसके बाद उसमें परिवर्तन के किसी अनुरोध पर न तो विचार किया जाएगा, न उसे स्वीकार किया जाएगा।

टिप्पणी-II: उम्मीदवारों को ध्यान रखना चाहिए कि उनके द्वारा परीक्षा में प्रवेश के लिए जन्म की तारीख एक बार लिख भेजने और आयोग द्वारा उसके स्वीकृत हो जाने के बाद, बाद में या किसी परीक्षा में उसमें परिवर्तन करने की अनुमति नहीं दी जाती है।

टिप्पणी-III: उम्मीदवारों को प्रारंभिक परीक्षा के लिए आॅनलाइन आवेदन प्रपत्र में जन्म तिथि भरते समय उचित सावधानी बरतनी चाहिए। यदि बाद में किसी अवस्था में, जांच के दौरान उनके द्वारा भरी गई जन्म तिथि की उनके मैट्रिक या समकक्ष परीक्षा के प्रमाण-पत्र में दी गई जन्म तिथि से कोई भिन्नता पाई गई तो आयोग द्वारा उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

न्यूनतम शैक्षिक योग्यता
उम्मीदवार के पास भारत के केंद्र या राज्य विधानमंडल द्वारा निगमित किसी विश्वविद्यालय की या संसद के अधिनियम द्वारा स्थापित या विश्वविद्यालय अनुदान आयोग अधिनियम, 1956 के खंड 3 के अधीन विश्वविद्यालय के रूप में मानी गई किसी अन्य शिक्षा संस्था की डिग्री अथवा समकक्ष योग्यता होनी चाहिए।

टिप्पणी-I: कोई भी उम्मीदवार जिसने ऐसी कोई परीक्षा दे दी है जिसमें उत्तीर्ण होने पर वह आयोग की परीक्षा के लिए शैक्षिक रूप से पात्र होगा परन्तु उसे परीक्षा फल की सूचना नहीं मिली है तथा ऐसा उम्मीदवार भी जो ऐसी अर्हक परीक्षा में बैठने का इरादा रखता है, प्रारंभिक परीक्षा में प्रवेश पाने का पात्र होगा। सिविल सेवा (प्रधान) परीक्षा के लिए अर्हक घोषित किए गए सभी उम्मीदवारों को प्रधान परीक्षा के लिए आवेदन-पत्र के साथ-साथ उत्तीर्ण होने का प्रमाण प्रस्तुत करना होगा जिसके प्रस्तुत न किए जाने पर ऐसे उम्मीदवार को प्रधान परीक्षा में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। प्रधान परीक्षा के लिए आवेदन पत्र सितम्बर/अक्टूबर में मंगाए जाते हैं।
टिप्पणी-II: विशेष परिस्थितियों में संघ लोक सेवा आयोग ऐसे किसी भी अर्हताओं में से कोई अर्हता न हो, बशर्ते कि उम्मीदवार ने किसी संस्था द्वारा ली गई कोई ऐसी परीक्षा पास कर ली हो जिसका स्तर आयोग के मतानुसार ऐसा हो कि उसके आधार पर उम्मीदवार को उक्त परीक्षा में बैठने दिया जा सकता है।
टिप्पणी-III: जिन उम्मीदवारों के पास ऐसी व्यावसायिक और तकनीकी योग्यताएं हों, जो सरकार द्वारा व्यावसायिक और तकनीकी डिग्रियों के समकक्ष मान्यता प्राप्त हैं वे भी उक्त परीक्षा में बैठने के पात्र होंगे।
टिप्पणी-IV: जिन उम्मीदवारों ने अपनी अंतिम व्यावसायिकी एम बी बी एस अथवा कोई अन्य चिकित्सा परीक्षा पास की हो लेकिन उन्होंने सिविल सेवा (प्रधान) परीक्षा का आवेदन-पत्र प्रस्तुत करते समय अपना इंटर्नशिप पूरा नहीं किया है तो वे भी अनन्तिम रूप से परीक्षा में बैठ सकते हैं, बशर्ते कि वे अपने आवेदन-पत्र के साथ संबंधित विश्वविद्यालय/संस्था के प्राधिकारी से इस आशय के प्रमाण-पत्र की एक प्रति प्रस्तुत करें कि उन्होंने अपेक्षित अंतिम व्यावसायिक चिकित्सा परीक्षा पास कर ली है। ऐसे मामलों में उम्मीदवारों को साक्षात्कार के समय विश्वविद्यालय/संस्था के संबंधित समक्ष प्राधिकारी से अपनी मूल डिग्री अथवा प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होता है कि उन्होंने डिग्री प्रदान करने हेतु सभी अपेक्षाएं (जिन्होंने इन्टर्नशिप पूरा करना भी शामिल है) पूरी कर ली हैं।

अवसरों की संख्या
सिविल सेवा परीक्षा में बैठने वाले प्रत्येक उम्मीदवार को जो अन्यथा पात्र हों, छह बार बैठने की अनुमति दी जाएगी।
परन्तु अवसरों की संख्या से संबद्ध यह प्रतिबंध अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के अन्यथा पात्र उम्मीदवारों पर लागू नहीं होगा।
परन्तु आगे यह और भी है कि अन्य पिछड़ी श्रेणियों के उम्मीदवारों को, जो अन्यथा पात्र हों, स्वीकार्य अवसरों की संख्या नौ (9) होगी। यह रियायत/छूट केवल वैसे अभ्यर्थियों को मिलेगी जो आरक्षण पाने के पात्र हैं।
बशर्ते यह भी कि शारीरिक रूप से विकलांग उम्मीदवारों को उतने ही अवसर अनुमत होंगे जितने कि उसके समुदाय के अन्य उन उम्मीदवारों को जो शारीरिक रूप से विकलांग नहीं हैं या इस शर्त के अध्यधीन हैं कि सामान्य वर्ग से संबंधित शारीरिक रूप से विकलांग उम्मीदवार नौ (9) अवसरों के पात्र होंगे। विभिन्न सेवाओं के संदर्भ में संबंधित नियमों/विनियमों में समरूप परिवर्तन हेतु आवश्यक कार्रवाई अलग से की जा रही है। यह छूट शारीरिक रूप से विकलांग उन उम्मीदवारों को उपलब्ध होगी जो कि ऐसे उम्मीदवारों पर लागू होने वाले आरक्षण को प्राप्त होने के पात्र होंगे।
1. प्रारंभिक परीक्षा में बैठने को परीक्षा में बैठने का एक अवसर माना जाता है।
2. यदि उम्मीदवार प्रारंभिक परीक्षा के किसी एक प्रश्नपत्र में वस्तुतः परीक्षा देता है तो उसका परीक्षा के लिए यह एक प्रयास समझा जाता है।
3. अयोग्यता/उम्मीदवारी के रद्द होने के बावजूद उम्मीदवार की परीक्षा में उपस्थिति का तथ्य एक प्रयास गिना जाएगा।

परीक्षा के लिए आवेदन करने पर प्रतिबंध
कोई उम्मीदवार किसी पूर्व परीक्षा के परिणाम के आधार पर भारतीय प्रशासनिक सेवा अथवा भारतीय विदेश सेवा में नियुक्त हो जाता है और उस सेवा का सदस्य बना रहता है तो वह इस परीक्षा में प्रतियोगी बने रहने का पात्र नहीं होगा।
यदि कोई उम्मीदवार सिविल सेवा परीक्षा की प्रारंभिक परीक्षा की समाप्ति के पश्चात् भारतीय प्रशासनिक सेवा/भारतीय विदेश सेवा में नियुक्त हो जाता है तथा वह उस सेवा का सदस्य बना रहता है, तो वह सिविल सेवा (प्रधान) परीक्षा, मंे बैठने का पात्र नहीं होगा चाहे उसने प्रारंभिक परीक्षा में अर्हता प्राप्त कर ली हो।
यह भी व्यवस्था है कि सिविल सेवा (प्रधान) परीक्षा, के प्रारंभ होने के पश्चात् किंतु उसके परीक्षा परिणाम से पहले किसी उम्मीदवार की भारतीय प्रशासनिक सेवा/भारतीय विदेश सेवा में नियुक्ति हो जाती है और वह उसी सेवा का सदस्य बना रहता है तो सिविल सेवा परीक्षा के परिणाम के आधार पर उसे किसी सेवा/पद पर नियुक्ति हेतु विचार नहीं किया जाएगा।

शारीरिक मानक
सिविल सेवा परीक्षा में प्रवेश के लिए उम्मीदवारों को संबंधित वर्ष के फरवरी माह में भारत के राजपत्र (असाधारण) में प्रकाशित परीक्षा की नियमावली के परिशिष्ट-3 में दिए गए शारीरिक परीक्षा के बारे में विनियमों के अनुरूप शारीरिक रूप से स्वस्थ होना चाहिए। शुल्क
(क) उम्मीदवारों को 100/- (सौ रुपये) फीस के रूप में (अ जा /अ ज जा /महिला/विकलांग उम्मीदवारों को छोड़कर जिन्हें कोई शुल्क नहीं देना होगा) या तो स्टेट बैंक आॅफ इडिया की किसी भी शाखा में नकद जमा करके या नेटबैंकिंग सेवा का उपयोग करके या वीजा/मास्टर क्रेडिट/डेबिट कार्ड का उपयोग करके भुगतान करना होता है।
ध्यान दें: जो उम्मीदवार भुगतान के लिए नकद भुगतान प्रणाली का चयन करते हैं वे सिस्टम द्वारा सृजित (जनरेट) पे-इन-स्लिप को मुद्रित करें और अगले कार्य दिवस को ही भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की शाखा के काउंटर पर शुल्क जमा करवाएं। 'नकद भुगतान प्रणाली' का विकल्प अंतिम तिथि से एक दिन पहले रात्रि 23 59 बजे निष्क्रिय हो जाएगा। तथापि, जो उम्मीदवार अपने पे-इन स्लिप होने के बावजूद किसी भी कारणवश अंतिम तिथि को बंैक के कार्य समय के दौरान एसबीआई की शाखा में नकद भुगतान करने में असमर्थ रहते हैं तो उनके पास कोई अन्य आॅफलाइन विकल्प उपलब्ध नहीं होगा लेकिन वे अंतिम तिथि को सायं 6ः00 बजे तक आॅनलाइन डेबिट/क्रेडिट कार्ड अथवा इंटरनेट बैंकिंग भुगतान के विकल्प का चयन कर सकते हैं।
(ख) जिन आवेदकों के मामले में बैंक से भुगतान संबंधी विवरण प्राप्त नहीं हुए हैं उन्हें फर्जी भुगतान मामला समझा जाएगा और ऐसे सभी आवेदकों की सूची आॅनलाइन आवेदन-पत्र भरने के अंतिम दिन के बाद दो सप्ताह के भीतर आयोग की बेवसाइट पर उपलब्ध करा दी जाएगी।
इन आवेदकों को ई-मेल के जरिए यह भी सूचित किया जाएगा कि वे आयोग को किए गए अपने भुगतान के प्रमाण की प्रति प्रस्तुत करेगा। यदि आवेदक की ओर से कोई प्रत्युत्तर प्राप्त नहीं होता है तब उनका आवेदन-पत्र तत्काल अस्वीकार कर दिया जाएगा और इस संबंध में आगे कोई पत्राचार नहीं किया जाएगा।
सभी महिला उम्मीदवारों तथा अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/शारीरिक रूप से विकलांग वर्गों से संबद्ध उम्मीदवारों को शुल्क के भुगतान से छूट प्राप्त है। तथापि, अन्य पिछड़े वर्ग के उम्मीदवारों को शुल्क में छूट प्राप्त नहीं है तथा उन्हें निर्धारित पूर्ण शुल्क का भुगतान करना होगा।
शारीरिक रूप से अक्षम व्यक्तियों को शुल्क के भुगतान से छूट है बशर्ते कि वे इन सेवाओं/पदों के लिए चिकित्सा आरोग्यता (शारीरिक रूप अक्षम व्यक्तियों को दी गई किसी अन्य विशेष छूट सहित) के मानकों के अनुसार इस परीक्षा के परिणाम के आधार पर भरी जाने वाली सेवाओं/पदों पर नियुक्ति हेतु अन्यथा रूप से पात्र हों। शुल्क में छूट का दावा करने वाले शारीरिक रूप से अक्षम व्यक्ति को अपने विस्तृत आवेदन प्रपत्र के साथ अपने शारीरिक रूप से अक्षम होने के दावे के समर्थन में, सरकारी अस्पताल/चिकित्सा बोर्ड से प्राप्त प्रमाण-पत्र की प्रमाणित प्रति प्रस्तुत करनी होगी।
टिप्पणी: शुल्क में छूट के उपर्युक्त प्रावधान के बावजूद शारीरिक रूप से अक्षम उम्मीदवार को नियुक्ति हेतु तभी पात्र माना जाएगा जब वह (सरकार या नियुक्ति प्राधिकारी, जैसा भी मामला हो, द्वारा निर्धारित ऐसी किसी शारीरिक जांच के बाद), सरकार द्वारा शारीरिक रूप से अक्षम उम्मीदवार को आवंटित की जाने वाली संबंधित सेवाओं/पदों के लिए शारीरिक और चिकित्सा मानकों की अपेक्षाओं को पूरा करते हों।

टिप्पणी-I: जिन आवेदन-पत्रों के साथ निर्धारित शुल्क संलग्न नहीं होगा (शुल्क माफी के दावे को छोड़कर), उन्हें तत्काल अस्वीकृत कर दिया जाएगा।
टिप्पणी-II: किसी भी स्थिति में आयोग को भुगतान के लिए किए गए शुल्क की वापसी के किसी भी दावे पर न तो विचार किया जाएगा और न ही शुल्क को किसी अन्य परीक्षा या चयन के लिए आरक्षित रखा जा सकेगा।
टिप्पणी-III: यदि कोई उम्मीदवार 2016 में सिविल सेवा परीक्षा में बैठा हो और अब इस परीक्षा में प्रवेश पाने के लिए आवेदन करना चाहता हो, तो उसे परीक्षा फल या नियुक्ति प्रस्ताव की प्रतीक्षा किए बिना ही अपना आवेदन-पत्र भर देना चाहिए।
टिप्पणी-IV: प्रधान परीक्षा मंे जिन उम्मीदवारों को प्रवेश दिया जाएगा, उनको पुनः रु 200 (केवल दो सौ रुपये) के शुल्क का भुगतान करना होगा।